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मां लिंगेश्वरी मंदिर का द्वार 23 सितंबर को खुलेगा, निसंतान दंपतियों की आस्था से जुड़ी है विशेष मान्यता



कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित प्रसिद्ध मां लिंगेश्वरी मंदिर एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खुलने जा रहा है। आलोर गुफा में स्थित इस प्राचीन धार्मिक स्थल के कपाट 23 सितंबर 2026, बुधवार को खोले जाएंगे। मंदिर के कपाट साल में विशेष अवसर पर ही खोले जाने के कारण इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

प्राकृतिक गुफा के भीतर स्थित मां लिंगेश्वरी मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के चलते दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

निसंतान दंपतियों से जुड़ी है विशेष मान्यता

मां लिंगेश्वरी मंदिर को लेकर निसंतान दंपतियों के बीच भी विशेष आस्था देखने को मिलती है। स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार, संतान की इच्छा रखने वाले दंपति यहां पहुंचकर देवी की पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी मनोकामना की प्रार्थना करते हैं। हालांकि, यह धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ी मान्यता है, इसका कोई चिकित्सकीय प्रमाण नहीं है।

साल में एक बार खुलते हैं कपाट

आलोर गुफा में स्थित इस मंदिर के कपाट सामान्य दिनों में श्रद्धालुओं के लिए खुले नहीं रहते। विशेष तिथि पर कपाट खुलने के कारण दर्शन के लिए आसपास के जिलों के अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी लोगों के पहुंचने की परंपरा रही है।

23 सितंबर को मंदिर खुलने के अवसर पर श्रद्धालु देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। प्रशासन एवं स्थानीय स्तर पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की उम्मीद है।

मां लिंगेश्वरी मंदिर की प्राकृतिक गुफा, धार्मिक वातावरण और इससे जुड़ी स्थानीय मान्यताएं इसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख आस्था स्थलों में अलग पहचान देती हैं। कपाट खुलने के दिन यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिल सकती है।

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