CGPSC मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, भूपेश बघेल के पूर्व PA के ठिकाने पर छापा
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़े कथित घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और भिलाई में कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक से जुड़े परिसर पर भी ED की टीम पहुंची।
मिली जानकारी के अनुसार, ED की कार्रवाई CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर किसी तरह का आर्थिक लेन-देन या प्रभाव का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।
सात ठिकानों पर एक साथ तलाशी
मंगलवार सुबह ED की अलग-अलग टीमों ने प्रदेश के कई स्थानों पर कार्रवाई शुरू की। भिलाई क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक से जुड़े आवास पर भी जांच की गई। अधिकारियों ने परिसरों में मौजूद दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की।
बताया जा रहा है कि जांच का दायरा कई लोगों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन तक पहुंच सकता है। हालांकि, तलाशी के दौरान एजेंसी को क्या-क्या सामग्री मिली, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
CGPSC भर्ती मामले में पहले भी हुई कार्रवाई
CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मामला पिछले कुछ समय से जांच एजेंसियों के निशाने पर है। मामले में आर्थिक अपराध शाखा और अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच शुरू की।
इस मामले में CGPSC के तत्कालीन पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ तथा कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। जांच एजेंसियां कथित अनियमितताओं के पीछे मौजूद नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
राजनीतिक गलियारों में भी हलचल
भूपेश बघेल के पूर्व सहयोगी से जुड़े परिसर पर ED की कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस और भाजपा के बीच जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर पहले से ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।
हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से कार्रवाई को राजनीतिक कदम बताए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। ED का मुख्य फोकस कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच पर है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल ED की तलाशी कार्रवाई जारी रहने के बीच यह स्पष्ट नहीं है कि एजेंसी ने किन दस्तावेजों या अन्य सामग्रियों को अपने कब्जे में लिया है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के आधार पर मामले में नई जानकारी सामने आने की संभावना है।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि किसी व्यक्ति के परिसर पर ED की तलाशी या छापेमारी होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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