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मध्य प्रदेश में मंत्री विजय शाह को बड़ी राहत, कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामले में अभियोजन की मंजूरी नहीं

 



भोपाल। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह को कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़ी विवादित टिप्पणी के मामले में बड़ी राहत मिली है। मध्य प्रदेश सरकार ने विजय शाह के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी नहीं देने का फैसला किया है। कैबिनेट के इस फैसले को राज्यपाल मंगुभाई पटेल की मंजूरी भी मिल गई है।

सरकार के इस फैसले के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट पर है। राज्य सरकार अपने फैसले के आधार और पांच बिंदुओं वाले जवाब को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने की तैयारी कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला मई 2025 में मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी से जुड़ा है। उस समय कर्नल सोफिया कुरैशी ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित आधिकारिक मीडिया ब्रीफिंग के कारण देशभर में चर्चा में थीं।

विजय शाह की टिप्पणी सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं आई थीं। मामले का मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और पुलिस को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया था।

SIT ने पूरी की जांच

मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी जांच पूरी कर ली है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान भी जांच पूरी होने की जानकारी दी गई थी।

अब मामले में आगे की कार्रवाई अभियोजन की मंजूरी पर निर्भर थी। सरकार द्वारा अभियोजन की अनुमति नहीं देने के फैसले के बाद मामले की अगली कानूनी दिशा महत्वपूर्ण हो गई है।

सरकार ने क्यों नहीं दी अभियोजन की मंजूरी?

मध्य प्रदेश सरकार ने विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की अनुमति नहीं देने के पीछे कई आधार बताए हैं। सरकार की ओर से तैयार किए गए जवाब में पांच प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के पक्ष में यह भी कहा गया है कि विवादित टिप्पणी के बाद किसी व्यक्ति की ओर से मंत्री के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। इसके अलावा विजय शाह द्वारा विवाद के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगे जाने का भी उल्लेख किया गया है।

सरकार का कहना है कि फैसला कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

राज्यपाल ने दी कैबिनेट के फैसले को मंजूरी

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी नहीं देने का फैसला लिया था। इसके बाद प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा गया।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही फिलहाल मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सरकारी स्वीकृति नहीं दी गई है।

कांग्रेस ने फैसले पर उठाए सवाल

सरकार के फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से इस पर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने मामले में सरकार के निर्णय की आलोचना करते हुए मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

विपक्ष का कहना है कि विवादित टिप्पणी जैसे मामलों में राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

वहीं सरकार का पक्ष है कि अभियोजन की मंजूरी से जुड़ा निर्णय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर लिया गया है।

अब सुप्रीम कोर्ट में होगी आगे की तस्वीर साफ

अभियोजन की मंजूरी नहीं मिलने के बाद भी यह कहना सही नहीं होगा कि मामला पूरी तरह समाप्त हो गया है। सरकार को सुप्रीम कोर्ट के सामने अपने फैसले का आधार और संबंधित दस्तावेज रखने होंगे।

SIT की जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के सामने रखे जाने वाले दस्तावेजों और सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी।

फिलहाल राज्यपाल की मंजूरी के बाद मंत्री विजय शाह को इस मामले में राहत जरूर मिली है, लेकिन मामले से जुड़ा कानूनी और राजनीतिक विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर तैयार की गई है। अभियोजन की मंजूरी नहीं मिलने को न्यायिक रूप से दोषमुक्ति या अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए। मामले की अंतिम स्थिति आगे की कानूनी प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।

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